AI-171 विमान क्रैश: 270 मौतें, इंजन फेल और फ्यूल कट पर जांच के तीन एंगल

Air India AI171 हादसा, एयर इंडिया विमान क्रैश रिपोर्ट

📌 क्या हुआ था 12 जून को?

12 जून को अहमदाबाद से लंदन जा रही एयर इंडिया की फ्लाइट AI-171 टेकऑफ के कुछ ही देर बाद एक मेडिकल हॉस्टल की इमारत से टकरा गई। इस भयावह हादसे में कुल 270 लोगों की मौत हुई, जिनमें 241 यात्री और बाकी क्रू मेंबर शामिल थे। केवल एक यात्री इस हादसे में चमत्कारिक रूप से बच पाया। अब इस दुर्घटना की 15 पन्नों की शुरुआती जांच रिपोर्ट सामने आई है, जिससे कई अहम सवाल उठे हैं।

🛑 दोनों इंजन फेल, सिर्फ 30 सेकंड की उड़ान

एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) की रिपोर्ट के मुताबिक, विमान ने जैसे ही उड़ान भरी, दोनों इंजन अचानक बंद हो गए। रिपोर्ट में कहा गया है कि टेकऑफ के तुरंत बाद एक-एक करके दोनों फ्यूल स्विच ‘RUN’ से ‘CUTOFF’ मोड पर चले गए, जिससे इंजन बंद हो गए। पायलटों ने तुरंत फ्यूल स्विच ऑन कर इंजन शुरू करने की कोशिश की, लेकिन ऊंचाई बहुत कम होने के कारण इंजन पर्याप्त ताकत नहीं पा सके और विमान नीचे आ गिरा।

🎙️ कॉकपिट रिकॉर्डिंग से बड़ा खुलासा

रिपोर्ट में कॉकपिट वॉइस रिकॉर्डर (CVR) की बातचीत का हवाला भी दिया गया है। एक पायलट ने दूसरे से पूछा, “क्या तुमने फ्यूल स्विच बंद किया?” जवाब मिला, “नहीं।” इससे यह स्पष्ट होता है कि यह निर्णय जानबूझकर नहीं लिया गया था। ऐसे में हादसे का कारण तकनीकी गड़बड़ी, मानवीय भूल या किसी उपकरण की खराबी हो सकता है।

🔍 अब इन तीन एंगल से होगी जांच

  • तकनीकी खराबी: क्या विमान या उसके किसी पुर्जे में गड़बड़ी थी? अगर हां, तो बोइंग जैसी मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों की भी जांच होगी।
  • मानव त्रुटि या जानबूझकर फ्यूल कट?: विशेषज्ञों का मानना है कि गलती से हाथ लगने से स्विच बंद होना लगभग असंभव है, क्योंकि स्विच को बदलने के लिए एक स्पष्ट इरादा चाहिए होता है।
  • तीसरे उपकरण की गड़बड़ी: क्या किसी अन्य सहायक सिस्टम या सॉफ्टवेयर की खराबी से यह स्विच ऑफ हुए?

ओरिजिनल इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरर्स (OEMs) को भी जांच में शामिल किया जा रहा है।

✈️ विमान और इंजन को लेकर क्या कहा गया?

रिपोर्ट में बताया गया है कि Boeing 787-8 विमान और GE GEnx-1B इंजन के बारे में फिलहाल किसी ऑपरेटर को विशेष चेतावनी या कार्रवाई की सिफारिश नहीं दी गई है। रिपोर्ट कहती है कि टेकऑफ से हादसे तक की उड़ान सिर्फ 30 सेकंड की थी।

 

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🗣️ नागरिक उड्डयन मंत्री का बयान

केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राममोहन नायडू ने मीडिया से बात करते हुए कहा, “यह एक प्रारंभिक जांच रिपोर्ट है। जांच में किसी भी तथ्य को छिपाया नहीं गया है और अंतरराष्ट्रीय मानकों का पालन किया गया है। हम फाइनल रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं।”

📁 अंतिम निष्कर्ष की प्रतीक्षा

रिपोर्ट से यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि दोनों फ्यूल स्विच अचानक कैसे बंद हुए। शुरुआती निष्कर्ष मानवीय चूक या सिस्टम फेलियर की ओर इशारा कर रहे हैं। हालांकि AAIB ने फिलहाल किसी को दोषी नहीं ठहराया है और फाइनल रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है, जिससे निष्कर्ष पर पहुंचा जा सके।

✅ निष्कर्ष

इस दुर्घटना ने न केवल सैकड़ों लोगों की जान ली, बल्कि एयर सेफ्टी और एविएशन प्रोटोकॉल पर भी गंभीर सवाल खड़े किए हैं। AAIB की इस शुरुआती रिपोर्ट से कई परतें खुल चुकी हैं, लेकिन जांच अभी जारी है। उम्मीद है कि फाइनल रिपोर्ट से सच्चाई सामने आएगी और जिम्मेदारों को सजा मिलेगी।

 

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